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वैदिक ज्योतिष

विंशोत्तरी दशा क्या है? जीवन की समय-रेखा को समझें

विंशोत्तरी दशा वैदिक ज्योतिष की सबसे प्रचलित दशा पद्धति है, जो कुल 120 वर्षों की होती है।

दशा का क्रम

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उसका स्वामी ग्रह पहली महादशा देता है। फिर केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि और बुध के क्रम में दशाएँ चलती हैं।

महत्व

प्रत्येक ग्रह की दशा में उसके स्वभाव अनुसार फल मिलते हैं। रामाग्य की कुंडली आपकी संपूर्ण विंशोत्तरी दशा समय-रेखा निकालती है।