Ramagya
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गायत्री मंत्र

सवितृ देव

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

अर्थ

उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।

लाभ

गायत्री मंत्र का नियमित जाप बुद्धि को तीक्ष्ण बनाता है, मन को शांत करता है और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। यह सभी मंत्रों की जननी माना जाता है।