Ramagya
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केतु मंत्र

केतु

ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः ॥ पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम् । रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम् ॥

अर्थ

पलाश के फूल के समान, तारों और ग्रहों के शिखर पर स्थित, रौद्र स्वरूप, भयंकर केतु को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

केतु मंत्र आध्यात्मिक उन्नति, मोक्ष और रहस्यमय ज्ञान प्रदान करता है। केतु दोष और अनिष्ट प्रभावों को शांत करने में सहायक है।