Ramagya
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महामृत्युंजय मंत्र

भगवान शिव

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

अर्थ

हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं जो सुगंधित हैं और सभी प्राणियों का पोषण करते हैं। जैसे ककड़ी अपने बंधन से मुक्त होती है, वैसे ही हमें मृत्यु से मुक्ति मिले, अमरत्व की ओर नहीं।

लाभ

यह मंत्र अकाल मृत्यु से रक्षा करता है, गंभीर रोगों से मुक्ति दिलाता है और दीर्घायु प्रदान करता है। भय और चिंता को दूर करने में अत्यंत प्रभावशाली है।

महामृत्युंजय मंत्र | Ramagya Astrology