गणेश और चन्द्रमा
गणेश
एक बार गणेश जी के जन्मदिन पर उन्हें बहुत सारे लड्डू मिले। गणेश जी को लड्डू बहुत प्रिय थे। उन्होंने खूब सारे लड्डू खा लिए और उनका पेट बहुत भर गया। शाम को वे अपने वाहन मूषक यानी चूहे पर बैठकर घूमने निकले। रास्ते में एक साँप आ गया। मूषक डर गया और अचानक रुक गया। गणेश जी गिर पड़े और उनका भरा हुआ पेट फट गया। सारे लड्डू बाहर आ गए। गणेश जी ने जल्दी से लड्डू वापस पेट में रखे और साँप को पकड़कर अपने पेट पर बाँध लिया ताकि लड्डू बाहर न गिरें। यह सब देखकर चन्द्रमा ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा। गणेश जी को बहुत बुरा लगा। उन्होंने चन्द्रमा को श्राप दिया कि अब कोई तुम्हें नहीं देखेगा। चन्द्रमा गायब हो गया और चारों तरफ अँधेरा छा गया। सभी देवताओं ने गणेश जी से प्रार्थना की। तब गणेश जी ने श्राप कम किया और कहा कि चन्द्रमा घटता-बढ़ता रहेगा। इसीलिए चाँद हर महीने छोटा-बड़ा होता है।
सीख
किसी का मज़ाक उड़ाना गलत है — दूसरों की भावनाओं का सम्मान करो।