Ramagya
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बंदर और मगरमच्छ

पंचतंत्र

एक नदी के किनारे जामुन के पेड़ पर एक बंदर रहता था। नदी में एक मगरमच्छ रहता था। बंदर रोज़ मगरमच्छ को मीठे जामुन खिलाता और दोनों अच्छे दोस्त बन गए। मगरमच्छ कुछ जामुन अपनी पत्नी के लिए भी ले जाता। मगरमच्छ की पत्नी को जामुन बहुत पसंद आए। उसने सोचा कि जो बंदर इतने मीठे फल खाता है, उसका दिल कितना मीठा होगा। उसने मगरमच्छ से कहा कि वह बंदर का दिल लाए, नहीं तो वह खाना नहीं खाएगी। मगरमच्छ बहुत दुखी हुआ लेकिन पत्नी की ज़िद के आगे हार गया। मगरमच्छ ने बंदर को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने का बहाना बनाया। बीच नदी में उसने सच बता दिया कि उसकी पत्नी बंदर का दिल चाहती है। बंदर घबराया लेकिन उसने चतुराई दिखाई। बंदर ने कहा कि अरे मित्र, मेरा दिल तो मैं पेड़ पर रख आया हूँ, वापस चलो ले आते हैं। भोला मगरमच्छ वापस किनारे आया। बंदर कूदकर पेड़ पर चढ़ गया और बोला कि मूर्ख, दिल शरीर के बाहर कैसे रह सकता है! आज से हमारी दोस्ती खत्म।

सीख

मुश्किल समय में बुद्धि सबसे बड़ा हथियार है।