Ramagya
🦌

राम और सोने का हिरण

राम

भगवान राम, सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान पंचवटी के जंगल में रह रहे थे। एक दिन सीता जी ने एक बहुत सुंदर सुनहरे हिरण को देखा। उसकी त्वचा सोने जैसी चमक रही थी और उस पर चाँदी के बिंदु थे। सीता जी ने राम से कहा कि वे उस हिरण को पकड़कर लाएँ। लक्ष्मण को शक हुआ कि यह कोई साधारण हिरण नहीं है। उन्होंने राम से कहा कि यह राक्षस की माया हो सकती है। लेकिन सीता जी की इच्छा पूरी करने के लिए राम हिरण के पीछे गए। वह हिरण असल में मारीच नाम का राक्षस था जिसे रावण ने भेजा था। राम ने हिरण पर तीर चलाया। मरते समय मारीच ने राम की आवाज़ में मदद के लिए पुकारा। सीता जी ने वह आवाज़ सुनी और लक्ष्मण को राम की मदद के लिए भेज दिया। जैसे ही लक्ष्मण गए, रावण साधु का वेश बनाकर आया और सीता जी का अपहरण कर लिया। इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि जो चीज़ बहुत सुंदर दिखे उस पर आँख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।

सीख

जो चीज़ बहुत चमकती है वह हमेशा सोना नहीं होती — सावधानी ज़रूरी है।