मंगलवार व्रत कथा
हनुमान जी · प्रत्येक मंगलवार
कथा
एक गाँव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था जो बहुत कष्ट में था। उसके पास न धन था न सुख। एक दिन एक साधु ने उसे मंगलवार का व्रत रखने और हनुमान जी की पूजा करने की सलाह दी। साधु ने कहा कि हनुमान जी भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं और उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। ब्राह्मण ने श्रद्धापूर्वक मंगलवार का व्रत रखना शुरू किया। हर मंगलवार वह हनुमान मंदिर जाता, सिन्दूर चढ़ाता, हनुमान चालीसा का पाठ करता और चने की दाल व गुड़ का भोग लगाता। कुछ सप्ताह बाद उसके जीवन में परिवर्तन आने लगा। उसे अच्छा काम मिला और धीरे-धीरे उसकी दरिद्रता दूर हुई। एक बार ब्राह्मण बीमार पड़ गया और व्रत नहीं रख सका। उसके कष्ट फिर बढ़ने लगे। तब उसने समझा कि व्रत की निरंतरता महत्वपूर्ण है। उसने पुनः नियमित रूप से व्रत रखना शुरू किया। हनुमान जी ने प्रसन्न होकर उसे स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि जो भक्त सच्चे मन से मेरी पूजा करता है उसे कभी कोई भय नहीं सताता। ब्राह्मण का जीवन सुखमय हो गया और उसने सदा हनुमान जी की भक्ति जारी रखी।
पूजा विधि
मंगलवार को व्रत रखें। हनुमान मंदिर में सिन्दूर, चमेली का तेल चढ़ाएँ। हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएँ। लाल वस्त्र पहनें।
महत्व
मंगलवार का व्रत हनुमान जी को समर्पित है। यह शक्ति, साहस, भय से मुक्ति और कष्ट निवारण के लिए रखा जाता है।